Kuchaman City is a city and a municipality in Nagaur District in the Indian State of Rajasthan. The city has a few Havelis in the Shekhawati style and a fort overlooking city on a Hill top. This fort is about 1100 years old built 9th century AD by Rathore rulers Zalim Singh of the area.Recently the shooting of the movie 'DRONA' starring Abhishek Bachan and Priyanka chopra was done in the fort which will further make this fort a huge tourist attraction.

Friday, September 6, 2013

पार्क में टॉय ट्रेन चलने से बच्चें में उत्साह


नगर के रोडवेज बस स्टैण्डस्थित कनोई पार्क के खुलने व पार्क में टॉय ट्रेन के शुभारम्भ कीसूचना ने 
आस पास के बच्चोंमें भारी उत्साह पैदा कर दिया।बच्चों को जैसे ही जानकारी हुई तो भारी संख्या में बच्चों की भीड़कनोई पार्क में एकत्र होने लगी। क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र चौधरी नेटॉय ट्रेन का शुभारम्भ किया।क्षेत्रीय विधायक महेन्द्र सिंह चौधरी, नगर पालिका अध्यक्षा यशोदादेवी कुमावत, उपाध्यक्ष हरीश 
कुमावत, अधिशाषी अधिकारीश्रवणराम चौधरी आदि ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इस अवसर पर 
कुचामन विकास समिति अध्यक्ष ओमप्रकाश काबरा, प्रतिपक्षनेता हेमराज चावला, नगर कांग्रेस 
अध्यक्ष ईस्माइल व्यापारी सहित कई लोग उपस्थित थे।

Source - Morning News

कुचामन में राजकीय महाविद्यालय की मांग

कस्बे में राजकीयमहाविद्यालय नहीं होने से गरीब व असहाय लोगों के बच्चों कोउच्च शिक्षा की पढ़ाई के लिए मुंह देखना पड़ रहा है। एसा नहीं है किकुचामन में शिक्षा का महत्व कम है। यहां तक की कुचामन सिटी कोशिक्षा की नगरी का दर्जा भी 
प्राप्त है। इसके बावजूद भी यहांराजकीय महाविद्यालय नहीं है। क्षेत्र में 20 से भी ज्यादा निजीमहाविद्यालय हंै। 70 से भी 
ज्यादा उच्च माध्यमिक विद्यालय हैं।
कुचामन में 80 हजार विद्यार्थी अध्यनरत: प्राप्त जानकारी केअनुसार कुचामन शहर में सरकारी व गैर सरकारी विद्यालयों मेंकरीब 80 हजार विद्यार्थी अध्यनरत है। उच्च वर्ग के लोगों के बच्चे तो निजी महाविद्यालय में प्रवेश लेकर उच्च शिक्षा 
प्राप्त करलेते हैं।
लेकिन गरीब तबके के लोगों के बच्चों को भारी फीस नहीं होने के कारण शिक्षा से मुंह मोडऩा पड़ता है। और उच्च शिक्षा से 
वंचित रह जाते हैं। एक तरफ तो सरकार शिक्षा को बढ़ावा दे रही है। जबकि दूसरी ओर शिक्षा नगरी होने के बावजूद राजकीयमहाविद्यालय नहीं होने से आर्थिक स्थिती से कमजोर विद्यार्थियों को आगे पढऩे का मौका नहीं मिल रहा है।.

Source - Morning News